शिव शक्ति प्लांट द्वारा केमिकल युक्त पानी और फ्लाई ऐश (राख) को नदी में छोड़ने, तथा पिछले 18 वर्षों से बिना ESP (Electrostatic Precipitator) की चिमनियों से वायु प्रदूषण फैलाने की जांच और उन पर कार्रवाई करने के संबंध में पर्यावरण संरक्षण मंडल के नाम ग्रामवासियो नें शिकायत पत्र भेजा है| जिला कलेक्टर से मिलकर ग्राम वासियो नें रायगढ़ जिले मे शिवशक्ति प्लांट द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण की जानकारी दी और आवेदन देकर कार्यवाही की मांग रखी है| ग्रामीणों नें आवेदन मे बताया है की प्लांट की वजह से केलो नदी का जल प्रदूषित हो रहा है| प्लांट का केमिकल वाला पानी और फ्लाई ऐश की डस्ट सीधे नदी/नाले में छोड़ी जा रही है। यही पानी बहकर वाटर चेक डैम में जमा हो रहा है, जहां से पीने के पानी का फिल्टर होता है।वायु प्रदूषण: प्लांट पिछले 18 वर्षों से बिना ESP वाली खुली चिमनियों से हवा में राख और धुआं उड़ा रहा है| मानव स्वास्थ्य का हवाला देते हुए ग्रामीणों नें बताया की प्लांट की घोर लापरवाही की वजह से पीने का पानी जहरीला हो रहा है, जिससे लोगों में चर्म रोग (Skin diseases), पेट रोग और सांस की बीमारी बढ़ रही है। खेतों में राख जमा होने से धान की फसल खराब हो रही है।जलीय जीव व पशु: केमिकल की वजह से नदी में मछली, कछुए और केकड़े मर रहे हैं, जिससे पूरा इकोसिस्टम खत्म हो रहा है। इसके अलावा, नदी का पानी पीने से पशु भी बीमार पड़ रहे हैं।ग्रामीणों का कहना है की औद्योगिक विकास जरूरी है पर क्षेत्र के विनाश की कीमत पर नहीं। ग्रामीणों नें अपने आवेदन के माध्यम से मांगें रखी है कि तत्काल मौके पर टीम भेजकर नदी, चेक डैम के पानी और हवा के सैंपल लिए जाएं।प्लांट की बिना ESP वाली चिमनियों की जांच कर उन्हें बंद कराया जाए और ESP लगवाया जाए।नदी में केमिकल और फ्लाई ऐश छोड़ने पर तुरंत रोक लगाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। शिवशक्ति प्लांट के खिलाफ़ कार्यवाही नहीं होने पर आंदोलन कि चेतावनी देते हुए ग्रामीणों नें कहा है कि यदि 15 दिनों के भीतर इन बिंदुओं पर कोई कार्रवाई नहीं होती है, तो प्लांट पर तालाबंदी की जाएगी और अधिकारियों के खिलाफ उग्र आंदोलन/कार्रवाई की जाएगी।
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