26 जुलाई का दिन भारतीय इतिहास में मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का प्रतीक है। इस पावन अवसर पर जहाँ पूरा देश अपने नायकों को नमन कर रहा था, वहीं रायगढ़ के सिविल लाइन्स स्थित शहीद तोडाराम जोगी पार्क में मिलनी महिला जागृति की महिलाओं ने राष्ट्र-सेवा और पर्यावरण-संरक्षण का एक अनुपम उदाहरण पेश किया।
पर्यावरण को जीवंत रखना भी देश सेवा का ही एक रूप है। इस भाव को साकार करते हुए संस्था की महिला सदस्यों ने कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पौधारोपण उत्सव का आयोजन किया। पार्क के आँगन में नीम, करंज, गुलमोहर, गुड़हल (चाइना रोज), अमरूद, मुनगा और जामुन जैसे औषधीय, छायादार एवं फलदार पौधे रोपे गए।
कार्यक्रम की सबसे आकर्षक बात महिलाओं की एकजुटता और उनका विशिष्ट अंदाज रहा। ‘हरित रायगढ़-स्वच्छ रायगढ़’ (Green City, Clean City) के अपने लक्ष्य को दर्शाने के लिए समूह की सभी सदस्य विशेष रूप से हरे रंग के परिधानों में नज़र आईं। यह हरा रंग न केवल पर्यावरण और प्रकृति का प्रतीक था, बल्कि देश की समृद्धि और खुशहाली के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित कर रहा था।
”वृक्ष कबहुँ न फल भखैं, नदी न संचै नीर।
परमारथ के कारने, साधुन धरा शरीर॥”
संत कबीर का यह दोहा इस बात का स्मरण कराता है कि प्रकृति का स्वभाव ही निस्वार्थ समर्पण है—ठीक वैसे ही जैसे सीमा पर तैनात जवान निस्वार्थ भाव से देश की रक्षा करते हैं। एक पौधा लगाना केवल मिट्टी में बीज रोपना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन और सांसों का उपहार देना है।


