रायपुर। राजधानी रायपुर के लोगों को बड़ी राहत देते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अतिरिक्त पीठ ने अंबुजा सिटी सेंटर मॉल द्वारा वसूली जा रही पार्किंग फीस को अवैध घोषित कर दिया है। उच्च न्यायालय अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला द्वारा प्रस्तुत परिवाद पर सुनवाई करते हुए आयोग ने कहा कि पार्किंग सुविधा एक बुनियादी सुविधा है और इसे व्यवसाय का साधन नहीं बनाया जा सकता।
आयोग का ऐतिहासिक निर्णय
जिला उपभोक्ता आयोग की अतिरिक्त बेंच, जिसमें अध्यक्ष प्रशांत कुण्डू और सदस्य डॉ. आनंद वर्गीस शामिल थे, ने प्रकरण क्रमांक DC/387/CC/2025/198 में अपना निर्णय सुनाते हुए साफ कहा कि अंबुजा सिटी सेंटर मॉल किसी भी उपभोक्ता से- चाहे वह दोपहिया हो या चौपहिया, पार्किंग शुल्क वसूल नहीं कर सकेगा। यह मामला अधिवक्ता अंजिनेश अंजय शुक्ला की पैरवी में प्रस्तुत किया गया था और आयोग ने उनके तर्कों को विधिसम्मत मानते हुए पूरी तरह स्वीकार किया।
कैसे शुरू हुआ विवाद
15 जून 2025 को अधिवक्ता अंजिनेश शुक्ला अपनी कार (CG 10 BM 9901) से अपनी बुजुर्ग माता को अंबुजा मॉल छोड़ने पहुंचे थे। मात्र कुछ मिनट रुकने पर भी मॉल प्रबंधन ने ₹30 पार्किंग शुल्क वसूल लिया। उन्होंने यह कहते हुए आपत्ति जताई कि वे पार्किंग स्थल का उपयोग नहीं कर रहे हैं, केवल माता को छोड़कर तुरंत वापस जा रहे हैं, लेकिन मॉल प्रबंधन ने तर्क दिया कि फ्री पिकअप-ड्रॉप सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस व्यवहार से आहत होकर अधिवक्ता शुक्ला ने उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया और पार्किंग शुल्क वसूली को अवैध घोषित करने की मांग की।
अदालत में पेश किए गए तर्क और विधिक उदाहरण
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता शुक्ला ने गुजरात उच्च न्यायालय सहित देशभर के उपभोक्ता आयोगों द्वारा दिए गए पूर्व निर्णयों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि भवन अनुमति के दौरान पार्किंग क्षेत्र को जनता की सुविधा के रूप में स्वीकृत किया जाता है, इसलिए इस पर शुल्क लेना अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में आता है। उन्होंने मानसिक क्षति के रूप में ₹50,000 क्षतिपूर्ति की भी मांग की थी। आयोग ने उनके सभी तर्कों को संतोषजनक मानते हुए उन्हें स्वीकार किया।

आयोग का आदेश
आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मॉल प्रबंधन द्वारा पार्किंग शुल्क की वसूली अवैध है और इसे किसी भी रूप में जारी नहीं रखा जा सकता। साथ ही, मॉल प्रबंधन को सभी उपभोक्ताओं के लिए निशुल्क पार्किंग सुविधा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। यह फैसला उपभोक्ताओं के हित में एक मिसाल साबित हो सकता है।
उपभोक्ताओं के लिए राहत का बड़ा फैसला
अब मॉल में शॉपिंग, भोजन या मूवी देखने आने वाले किसी भी उपभोक्ता से पार्किंग शुल्क लेने की अनुमति नहीं है। आयोग का यह आदेश उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करने वाला और आम नागरिकों के लिए राहत देने वाला है।
यदि कोई मॉल शुल्क वसूलता है तो क्या करें?
आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई मॉल अब भी पार्किंग शुल्क वसूलने की कोशिश करता है, तो उपभोक्ता सीधे उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। देश के कई मामलों में अदालतें पूर्व में भी इस तरह के शुल्क को अनुचित और अवैध बता चुकी हैं।


