पत्नी का कटा हुआ सिर हाथ में लेकर गांव की गलियों में घूमता रहा हत्यारा पति

उसने अपनी पत्नी का सिर काट दिया। फिर कटे हुए सिर को बाएं हाथ में और हत्या में प्रयुक्त धारदार चाकू को दाएं हाथ में लेकर गांव की गलियों में घूमने लगा। जिसने भी यह दृश्य देखा, वह सिहर उठा। पूरे गांव में दहशत और अफरा तफरी मच गई।

घटना, छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले की है। बालको नगर पुलिस थाना क्षेत्र के बुंदेली गांव में बुधवार की शाम सालिग राम नामक एक ग्रामीण ने आपसी विवाद के बीच अपनी पत्नी चैत कुंवर की गला काटकर हत्या कर दी।

सिटी एस पी कोरबा प्रतीक चतुर्वेदी के अनुसार सालिक राम पिता राम प्रसाद यादव रोजी-मजदूरी का काम करता है। वह गांव के ही जीवन प्रकाश साहू के पोल्ट्री फार्म में रहकर कार्य किया करता था। सालिक राम पर उसकी पत्नी चरित्र शंका करती थी। अन्य स्त्रियों से उसका संबंध होने का आरोप लगाती थी। इस बात को लेकर पति पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। बुधवार की सुबह भी उनमें विवाद हुआ था। शाम करीब 5 बजे वह अपनी पत्नी के साथ शराब पी रहा था। इस दौरान उनके मध्य फिर विवाद हो गया। उसने गुस्से में आकर धारदार चाकू से पत्नी की गला काट कर हत्या कर दी।

सालिक राम का वहशीपन यहीं नहीं रुका। बल्कि उसने पत्नी के धड़ को मौके पर यूं ही छोड़ दिया और बिना किसी दुःख या भय के कटे हुए सिर और चाकू को प्लास्टिक की बोरी में रखा और मोटरसाइकिल की डिक्की में बोरी को रखकर पुलिस थाना जाने के लिए रवाना हुआ। रास्ते में रुक कर उसने लोगों को बताया कि उसने अपनी पत्नी का सिर काट दिया है। लोगों के कहने पर उसने बोरी खोलकर कटे हुए सिर और चाकू को बाहर निकाल कर लोगों को दिखाया। उसने लोगों को बताया कि वह पुलिस थाना जा रहा है। लेकिन, वह थाना जाने की जगह एक हाथ में पत्नी का कटा हुआ सिर और एक हाथ में हत्या में प्रयुक्त चाकू लेकर गांव की गलियों में घूमने लगा।

 

आरोपी सालिकराम यादव ने लोगों को बताया कि उसकी पत्नी उस पर शक करती थी। उसके चरित्र पर संदेह करती थी। किसी भी महिला को लेकर लांछन लगाती थी। इसी बात को लेकर विवाद में सालिकराम ने घटना को अंजाम दिया।

बहरहाल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त चाकू जप्त कर लिया है। मृतका के शव और कटे हुए सिर को बरामद कर मर्ग पंचनामा के बाद जांच शुरू कर दी है। सालिग राम की इस हरकत के कारण उसके चार बच्चों के सिर से मां की ममता का साया छिन गया है। बच्चों के सामने पालन -पोषण की समस्या भी आ गई है।

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