
रायगढ़ में नवरात्रि पर्व से पहले पुलिस ने बदमाशों पर शिकंजा कस दिया है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया गया। महीने की पहली तारीख को शहर के तीन बड़े थाने – कोतवाली, चक्रधरनगर और जूटमिल में निगरानी, गुंडा, माफी बदमाश और झगड़ा-विवाद करने वाले लोगों ने थाने पहुंचकर अपनी हाजिरी लगाई।
दरअसल बीते 1 सितंबर को नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा ने चक्रधरनगर थाने में सभी बदमाशों को तलब किया था। वहां उन्हें सख्त निर्देश दिया गया था कि हर महीने की पहली तारीख को अपने-अपने थाने में आकर हाजिरी देनी होगी। साथ ही बताना होगा कि वे क्या काम कर रहे हैं, कहां रह रहे हैं और जीवन-यापन का जरिया क्या है। इसका असर 1 अक्टूबर को देखने को मिला, जब तीनों थानों में लिस्टेड बदमाश खुद थाने पहुंचे।
इस बार हाजिरी लेने पहुंचे नगर पुलिस अधीक्षक राहुल उईके ने बदमाशों को नवरात्रि को लेकर विशेष चेतावनी दी। सीएसपी ने कहा कि शहर में गरबा, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चियां शामिल होती हैं। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस बेहद गंभीर है। अगर इस दौरान किसी ने भी छेड़खानी, छींटाकशी, अभद्रता या मारपीट की, तो शिकायत मिलते ही सीधे जेल भेजा जाएगा। अब समझाइश का दौर खत्म हो गया है।

सीएसपी ने यह भी कहा कि पुलिस हर बदमाश की गतिविधि और मूवमेंट पर लगातार नजर रख रही है। अगर किसी को रोजगार या किसी तरह की परेशानी है तो वे पुलिस-प्रशासन को बता सकते हैं, मदद की कोशिश होगी। लेकिन अपराध का रास्ता अपनाया तो कार्रवाई तय है। सभी को हर महीने थाने में हाजिरी देना अनिवार्य कर दिया गया है। रायगढ़ पुलिस का साफ संदेश है – त्योहारों में शांति बनी रहेगी और किसी असामाजिक तत्व को हुड़दंग करने नहीं दिया जाएगा।


