रायगढ़। अग्रकुल प्रवर्तक महाराजा अग्रसेन जी की 14 दिवसीय जयंती महोत्सव ने इस वर्ष रायगढ़ में भव्यता, एकजुटता और आपसी सहयोग की नई मिसाल पेश की है। सफल आयोजन के बाद महोत्सव के संयोजक अनूप बंसल ने कहा कि रायगढ़ जैसी अग्रसेन जयंती पूरे हिंदुस्तान में कहीं नहीं मनाई जाती।

बंसल ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके लिए यह सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि जीवनभर याद रहने वाला अनुभव रहा।

▫️20 साल से जुड़ा है नाता

अनूप बंसल ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से अग्रसेन जयंती से जुड़े हैं। पहले वे एक प्रतियोगी और खिलाड़ी के रूप में भाग लेते थे, लेकिन इस वर्ष संयोजक की जिम्मेदारी मिलने पर उन्हें आयोजन को एक अलग और व्यापक दृष्टिकोण से देखने का मौका मिला। इन 14 दिनों में पूरा अग्र समाज एक परिवार की तरह एकजुट नजर आया।

▫️70 से अधिक प्रतियोगिताओं से बढ़ा उत्साह

इस दौरान 70 से अधिक प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। बच्चों, युवाओं, मातृशक्ति और वरिष्ठजनों की सक्रिय भागीदारी ने हर कार्यक्रम को विशेष बना दिया। सुबह से देर रात तक उत्साह का माहौल बना रहा। शोभायात्रा में उमड़ी अपार भीड़, मातृशक्ति की सहभागिता और युवाओं के जोश ने आयोजन की भव्यता में चार चांद लगा दिए।

▫️टीम-वर्क बना सफलता का मंत्र

बंसल ने आयोजन की सफलता का श्रेय पूरे समाज को देते हुए कहा कि आयोजन समिति के प्रत्येक सदस्य, वरिष्ठजनों और सहयोगियों ने अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाई। आपसी तालमेल और विश्वास के कारण इतना बड़ा आयोजन बिना किसी विवाद के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

अंत में उन्होंने सभी अग्रबंधुओं, मातृशक्ति, युवा साथियों, प्रायोजकों, मीडिया प्रतिनिधियों और रायगढ़ की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि समाज का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और पूंजी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि महाराजा अग्रसेन के आदर्शों पर चलते हुए समाज की यह एकता आगे भी कायम रहेगी।

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