रायगढ़ में बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। भाजपा नेता व एल्डरमैन मनोज शर्मा ने इस मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया है।
भाजपा नेता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर जिले में बढ़ते वायु और जल प्रदूषण पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने लिखा है कि रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्रियों से निकलने वाले धुएं और राखड़ से लोगों का जीना दूभर हो गया है। लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो रही है, खेती प्रभावित हो रही है, लेकिन प्रशासन मौन है।
सोशल मीडिआ पोस्ट –
“बाहर से आए हुए अधिकारी को रायगढ़ जिले की चिंता क्यों होगी वे तो भ्रष्टाचार करके कमाने का उद्येश्य से ही काम करते है जिला पर्यावरण अधिकारी हो या ब्लॉक लेवल के तहसीलदार या sdm साब.. सब साल भर या 2 साल के बाद नई जगह चले जायेंगे… यह बात इसलिए लिख रहा हु कि रायगढ़ जिले में ओवरलोड प्लांट लग जाए है रायगढ़ के हरे भरे पत्ते अपना अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे है या तो काले रंग में या फिर कटकर गिर जाना उनकी नियति बन गई है अभी जानकारी हुई घरघोड़ा में नवापारा में फिर कोई जनसुनवाई है मतलब फिर एक जहर उगलने वाली मशीन चिमनी का निर्माण होगा, यह कल्पना भयावह होना चाहिए मतलब बड़ी बेशर्मी से अधिकारी जनसुनवाई। करा रहे है सबको पता है यहां की हवा में जहर घुल चुका है घातक बीमारियों की बाढ़ आ गई है कैंसर और किडनी, फेफड़े की जानलेवा बीमारी एकदम कामन हो गई है उस पर एक और प्लांट की जनसुवाई मतलब असंवेदना की पराकाष्ठा है यह जनसुनवाई भी कागच पर सफल हो जाएगी क्योंकि नोटों की बोरिया खुल चुकी है चंद दलाल सक्रिय हो चुके है चंद रुपए से वे तो एसी गाड़ी और ऐसी रूम में परिवार के साथ आनंदित जीवन बितायेंगे ,अपने बच्चों को हॉस्टल भेजकर समझेंगे बड़ा तीर मार लिया मगर प्रकृति की और आम आदमी की बद्दुआ से कैसे बचेंगे मगर यह सब बाद में … मगर इससे पहले मरेगा आम आदमी, धूल प्रदूषण को झेलने के लिए ही पैदा हुआ है और उसका विरोध नक्कारखाने की तूती बन जाएगी, प्रकृति की ताजी हवा का बलातकार स्वरूप ही यह प्लांट लग रहा है मेरा प्रधानमंत्री जी , मुख्यमंत्री जी, हमारे रायगढ़ के प्रभावी संवेदनशील मंत्री श्री ओपी चौधरी जी से आग्रह है कृपया इस जनसुनवाई को निरस्त करे आम आदमी को राहत दे….. कही विकास की जगह हम विनाश तो नहीं कर रहे है सनद रहे प्रकृति से बड़ा कोई न्याय नहीं कर सकता नहीं तो यह निश्चित रूप से होने वाला है कोई भयंकर आपदा आएगी और सारे नोटों के बंडल धरे धरे सड़ जाएंगे…. आप आदमी को बड़ी आबादी लेकर इस प्लांट का विरोध करना चाहिए…..“
नेता ने अपनी पोस्ट के कमेंट में चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।
उनकी इस पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है।