*विधान सभा लैलूंगा में अफीम की खेती..*

छःग़ की सियासत में अफीम विपक्ष के लिए अमृत तो सत्ता के लिए इन दिनों जहर साबित हो रहा है…विपक्ष पूरी ताकत से अफीम की खेती को लेकर साय सरकार पर हमलावर है.. और इसकी खेती को लेकर आरोप प्रत्यारोप जारी है…बरहाल लैलूंगा विधान सभा के तमनार के आमाघाट में इसकी खेती का खुलासा हुआ है..सुषमा खलको का दामाद निकटवर्ती राज्य झारखंड का निवासी है…जशपुर से लगा विधान सभा लैलूंगा गौ तस्करो और धर्मांतरण के लिए भी स्वर्ग साबित हो रहा है..इस मसले में विपक्ष का सत्ता के संरक्षण का आरोप प्रथम दृष्टि में ही तर्कहीन नजर आ रहा है। कभी गौ तस्कर बनकर ,तो कभी धर्मांतरण करा कर तो कभी अफीम की खेती कर ये बाहरी लोग छःग़ की शांत फिजा में अशांत बनाकर बर्बादी की ओर ले जा रहे है। भाजपा की सत्ता आते ही प्रदेश स्तर पर धर्मांतरण के मामले धड्डले से उजागर हुए …विपक्ष ने बेशर्मी भरा आरोप लगाया कि भाजपा आते ही मामले उजागर हो रहे है यह बात छग का बच्चा बच्चा जानता है कि भाजपा धर्मांतरण के सख्त खिलाफ है। भाजपा की सत्ता नहीं होने पर धर्मांतरण की खेती फलती फूलती है और भाजपा की सत्ता आते ही धर्मांतरण के मामले थाने तक पहुंचते है। अफीम की खेती को लेकर विपक्ष का सत्ता पक्ष पर हमला भी हास्यास्पद स्थिति पैदा कर रहा क्योंकि विधान सभा क्षेत्र लैलूंगा में सत्ता का संरक्षण किसका होगा यह दुनिया जानती है…सुषमा खलको का बाहरी रिश्तेदार को लैलूंगा की जमीन उपजाऊ क्यों लगी इसकी भी गहराई से जांच होनी चाहिए। पहला मामला उजागर होने के साथ ही मुख्यमंत्री साय ने अफीम की खेती करने वाले पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए..पुलिस कप्तान शशि मोहन सिंह ने इस मसले में सख्ती दिखाते हुए जिस तरह की कार्यवाही की है उसकी सर्वत्र सराहना हो रही है …देह व्यापार, नशे के बाद कबाड़ फिर अफीम की खेती को लेकर जिस तरह पुलिस ने तेवर दिखाए है.. यह सुशासन का प्रमाण है जिसे पुलिस कप्तान सार्थक कर रहे है

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