#न्याय_भरोसे_आशा_उम्मीद_ईमानदारी_के_दो_बरस

दो बरस पहले आज के ही दिन खुली चुनाव की पेटियां बात का प्रमाण रही कि आम जनता का आक्रोश कांग्रेस पर कहर बनकर टूटा था…भूपेश की कांग्रेस सरकार पांच सालो तक विकास के नाम पर किए गए पांच कार्य आज तक नहीं गिना पाई…जबकि इन दो बरसों में विधायक OP Choudhary के विकास कार्यों की सूचि हनुमान जी के पुंछ की तरह लंबी हो गई है जो विपक्ष के अरमानों की लंका में आग लगाने के लिए पर्याप्त है…पांच बरस तक केलो में महाआरती के नाम पर आस्था के दीप जलने वाली कांग्रेस आज सत्ता जाने पर केलो महतारी के आंचल में छिपी गंदे पानी से भरी बोतल निगम आयुक्त के पास लेकर सवाल पूछती है लेकिन यह नहीं बता पाती कि सत्ता रहते कांग्रेस ने इस समस्या का समाधान क्यों नहीं किया…..छग गठन के बाद ढाई दशक में जो विकास कार्य नहीं हुए वो कार्य ओपी चौधरी ने दो वर्षों में स्वीकृत करवा कर यह साबित कर दिया कि आम जनता सवाल की बजाय समाधान चाहती है….आस्था के दीप और चुनावी बरस में राम कथा के जरिए चुनावी माहौल बनाया जा सकता है लेकिन जनता का दिल जीतने के लिए विकास कार्यों का प्रमाण चाहिए जो कांग्रेस सत्ता रहते और सत्ता जाने के बाद भी दे पाने में असमर्थ रही…
एक शिक्षक का बेटा पिता के निधन के बाद मां की सलाह के बाद सरकारी अनुकम्पा लेने के बजाय अपनी मेहनत के दम पर प्रदेश का पहला कलेक्टर बनने का गौरव हासिल करता है और कलेक्टर बनने के बाद भी अपने जिद ओर जुनून से नक्सल के घनघोर अंधकार में शिक्षा के जरिए ज्ञान का प्रकाश फैलाकर यह साबित करता है कि उसका जन्म छत्तीसगढ़ की धरती में बदलाव के लिए हुआ है..जिसे पढ़ने के लिए कभी छत्तीसगढ़ में पुस्तके नसीब नहीं हुई उसने चुनाव जीतने के बाद प्रदेश भर में नालंदा लाइब्रेरी की नींव रख दी ताकि किसी गरीब के बेटे को पढ़ने के लिए मोहताज ना होना पढ़े…चुनाव जीतने के बाद भी युवाओं को पढ़ने के लिए प्रेरित करने के लिए दो बार आनंद कुमार का रायगढ़ आगमन ओपी चौधरी की नेक नियत का जीवंत प्रमाण है कि वे अपने चुनाव प्रचार के दौरान शराब की बजाय किताब बांटना अधिक जरूरी समझते है ये आजाद भारत की पहली घटना होगी जब किसी ने चुनाव के दौरान शराब की बजाय किताब बांटी हो…गांधी वादी ऐसी मिशाल राजनीति में कम देखने मिलती है…सत्ता के जरिए निज लाभ हासिल करने वाले उनके आचरण व्यवहार से दुखी अवश्य होंगे लेकिन उनकी किसी भी नीति ओर निर्णय ने आम जनता के हक पर डाका नहीं डाला..विपक्ष में रहते हुए ओपी ने माफियाओं का विरोध किया…सत्ता आने के बाद किसी माफिया को उन्होंने शरण नहीं दी…बोलकर वादे करने की बजाय राजनीति में आपके कार्य करने के इरादे आपको जनता के मध्य स्थापित करते है…पूरे प्रदेश की जनता अब ये समझने लगी है कि सही हाथों में नेतृत्व किस तरह से बदलाव ला सकता है…
OP Choudhary For CG

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