NJSSC CGL पेपर लीक मामले को लेकर महीनों से आंदोलन कर रहे झारखंड के छात्रों की जीत हुई है। सरकार ने आंदोलन के दबाव में JSSC CGL 2023 की परीक्षा रद्द कर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया है। फैसले के बाद छात्रों ने प्रदेशभर में जश्न मनाया।
JSSC CGL की परीक्षा 21-22 जनवरी 2024 को हुई थी। परीक्षा के तुरंत बाद पेपर लीक का आरोप लगने पर छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया था। रांची के धरना मैदान से लेकर विधानसभा तक छात्रों ने धरना-प्रदर्शन किया।
छात्रों की मांग थी कि पूरे पेपर को रद्द कर CBI जांच कराई जाए और 6 महीने के अंदर नई परीक्षा कराई जाए। लगातार विरोध के बाद आखिरकार झारखंड सरकार झुकी।
कैबिनेट की बैठक में JSSC CGL 2023 की परीक्षा को रद्द करने और 3 महीने के अंदर नई परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। साथ ही पेपर लीक मामले की जांच के लिए SIT का गठन भी किया गया है।
छात्र नेता ने कहा, ये 5 लाख छात्रों की मेहनत और एकता की जीत है। सरकार को छात्रों की ताकत का एहसास हुआ है। अब हम चाहते हैं कि नई परीक्षा पारदर्शी तरीके से हो।

सरकार ने आश्वासन दिया है कि इस बार परीक्षा केंद्रों पर CCTV और जैमर की सख्त व्यवस्था होगी ताकि दोबारा गड़बड़ी न हो।
JSSC CGL रद्द होने से प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को राहत मिली है। अब सभी की नजरें नई परीक्षा की तारीख और निष्पक्ष आयोजन पर टिकी हैं।
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छात्रों की मानी गईं 3 मुख्य मांगे-
1. *JSSC CGL 2023 परीक्षा रद्द*
2. *3 महीने के अंदर नई परीक्षा कराने का ऐलान*
3. *पेपर लीक की SIT से जांच*


