दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष और कैसरगंज से बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में बाइज्जत बरी कर दिया है।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष बृजभूषण के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। लिहाजा उन्हें सभी धाराओं में बरी किया जाता है।
यह मामला जनवरी 2023 में सुर्खियों में आया था जब ओलंपिक पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक, बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट सहित कई महिला पहलवानों ने जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर गंभीर आरोप लगाए थे। पहलवानों ने आरोप लगाया था कि बृजभूषण ने प्रशिक्षण और चयन के दौरान महिला पहलवानों का यौन शोषण किया।
इसके बाद दिल्ली पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की थीं। एक एफआईआर नाबालिग पहलवान की शिकायत पर पॉक्सो एक्ट के तहत और दूसरी 6 वयस्क महिला पहलवानों की शिकायत पर दर्ज की गई थी। पुलिस ने जून 2023 में चार्जशीट भी दाखिल की थी।

*कोर्ट में क्या हुआ*
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गवाहों के बयान और पेश किए गए साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने माना कि prosecution आरोपों को पुख्ता सबूतों के साथ साबित नहीं कर सकी।
*बृजभूषण का बयान*
फैसले के बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलकर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, “मैंने पहले भी कहा था कि मुझे न्यायपालिका और कानून पर पूरा भरोसा है। आज सत्य की जीत हुई है।”
*पहलवानों का पक्ष*
वहीं याचिकाकर्ता पहलवानों के वकील ने कहा कि वे इस फैसले का अध्ययन करने के बाद उच्च न्यायालय में अपील दायर करने के विकल्प पर विचार करेंगे।
उल्लेखनीय है कि इस आंदोलन के बाद भारतीय कुश्ती संघ का चुनाव भी हुआ था और नए पदाधिकारियों का गठन किया गया था।


