माता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा सरकारी टकसाल में गलाने के लिए भेजे गए करीब *20 टन चांदी के आभूषणों में से 94-95 प्रतिशत चांदी नकली* निकली है।
टकसाल की जांच में सामने आया कि चढ़ावे में आए सिक्कों और आभूषणों में सिर्फ *5-6% ही असली चांदी* है। बाकी में *कैडमियम और लोहा* जैसी सस्ती और जहरीली धातुओं की मिलावट पाई गई।

आर्थिक नुकसान भी करोड़ों में है। बाजार भाव के अनुसार इन आभूषणों की कीमत करीब *₹550 करोड़* आंकी गई थी, लेकिन असल में इसमें सिर्फ *₹30 करोड़* की ही चांदी निकली। यानी श्राइन बोर्ड को *₹520 करोड़* का नुकसान हुआ है।
मामला सिर्फ आर्थिक नहीं, सेहत से भी जुड़ा है। कैडमियम एक खतरनाक धातु है। इसे पिघलाने पर कैंसर पैदा करने वाली गैस निकलती है। डॉक्टरों के अनुसार यह किडनी, लिवर और हड्डियों को भी नुकसान पहुंचा सकती है। इसी कारण टकसाल ने पहले इसे गलाने से मना कर दिया था।
कटरा के स्वर्णकार एसोसिएशन का आरोप है कि मंदिर के आसपास कुछ ज्वैलर्स श्रद्धालुओं को नकली चांदी बेच रहे हैं। एसोसिएशन ने प्रशासन से बाजार में सख्त जांच अभियान चलाने की मांग की है।
इस खुलासे के बाद बीजेपी, पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। फिलहाल श्राइन बोर्ड ने इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
*कैसे पहचानें असली चांदी*
– *हॉलमार्क देखें*: BIS का निशान जरूर चेक करें
– *चुंबक टेस्ट*: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती
– *भाव से सावधान*: बहुत सस्ती चांदी नकली हो सकती है


